24061 - آخر (مي) : [مي في الوصايا] : ثنا عمرو بن عَوْن، ثنا هُشيم، عن يونس، عن الحسن، قال: لا يجوز طلاق الغلام ولا وصيته ولا هبته ولا عتاقه حتى يحتلم.
হাসান থেকে বর্ণিত, নাবালেগ বালকের তালাক বৈধ নয়, আর না তার ওসিয়ত (উইল), না তার হেবা (দান), আর না তার গোলাম আজাদ করা বৈধ, যতক্ষণ না সে সাবালক হয়।
ইতহাফুল মাহারাহ (24061)