16656 - حديث (قط كم) : "لا طلاق قل نكاح، ولا نذر فيما لا يملك".

قط في الطلاق: ثنا إسحاق بن محمد بن الفضل الزيات، ثنا علي بن شعيب، ثنا عبد المجيد، عن ابن جريج، عن عمرو بن شعيب، عنه، به.

⦗ص: 243⦘ كم في تفسير الأحزاب: ثنا أبو بكر الشافعي، ثنا أبو إسماعيل محمد بن إسماعيل، ثنا سعيد بن أبي مريم، ثنا عبد المجيد، به.
আবদুল্লাহ ইবনু আমর (রাদ্বিয়াল্লাহু আনহুমা) থেকে বর্ণিত, বিবাহ (সম্পন্ন হওয়ার) পূর্বে কোনো তালাক নেই, এবং যা কারো মালিকানাধীন নয়, সে বিষয়ে কোনো মানত নেই।

ইতহাফুল মাহারাহ (16656)